तो इसलिए होती है रिमझिम बारिश

जब बादल ठंडे होते हैं तो इसमें मौजूद भाप द्रव में बदल जाती है. इसे हम संघनन प्रक्रिया कहते हैं.

लेकिन बारिश होने के लिए यह काफी नहीं है. पहले तरल बूंदे जमा होती हैं और फिर बड़ी बूंदों में बदलती हैं.

जब ये बूंदे भारी हो जाती हैं तो बादल इन्हें होल्ड नहीं कर पाते और ये बूंदे जमीन पर बारिश के रूप में गिरने लगती हैं.

पानी के आसमान से नीचे गिरने की प्रक्रिया को वर्षण कहा जाता है.

यह वर्षण अनेक रूप में हो सकता है, यह बारिश, ओले गिरना, हिमपात इत्यादि के रूप में हो सकती है