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प्रवर्तन निदेशालय (ED) क्या है और इसके कार्य? | ED फुल फॉर्म

आज के इस लेख में आप ED क्या है (ED in Hindi) और इसके कार्यों के बारे में जानेंगे. आपने ED के बारे न्यूज़ चैनल्स या अखबारों में जरूर सुना या पढ़ा होगा. बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद ED तब सबसे अधिक चर्चा में आया जब उसने रिया चक्रवर्ती को अपने सवालों के घेरे में लिया. इसके बाद से ‘प्रवर्तन निदेशालय (ED)’ भारत में अपनी कार्यवाही को लेकर लगातार चर्चा में बना रहता है.

प्रवर्तन निदेशालय एक गैर संवैधानिक निकाय है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. इसलिए आज हम आपके साथ ED से जुड़ी सभी जानकारियां शेयर करेंगे जहां आप प्रवर्तन निदेशालय (ED) क्या होता है, ED का फुल फॉर्म क्या है, प्रवर्तन निदेशालय का कार्य क्या है, प्रवर्तन निदेशालय में शिकायत कैसे करें इत्यादि जैसे सवालों के जवाब जानेंगे. तो चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं ED की पूरी जानकारी.

ED क्या है? What is ED in Hindi

enforcement directorate kya hai

प्रवर्तन निदेशालय (ED), भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत आने वाली एक एजेंसी है, जिसका काम भारत में आर्थिक कानून लागू करना और आर्थिक अपराधों के विरूद्ध लड़ाई लड़ना है.

इस एजेंसी में भारतीय राजस्व सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और उसके स्वयं के कैडर में पदोन्नत अधिकारी शामिल होते हैं. इस विभाग में कुल अधिकारियों की संख्या 2000 से कम होती है, जिसमें 70% अधिकारी अन्य संगठनों से प्रतिनियुक्ति से आए हुए होते हैं, जबकि ED का खुद का कैडर है.

इस निदेशालय की शुरुआत 1 मई 1956 में आर्थिक मामलों के विभाग में ‘Enforcement Unit (प्रवर्तन इकाई)‘ के नाम से विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1947 के तहत विनिमय नियंत्रण कानूनों के उल्लंघनों से निपटने के लिए किया गया. सन 1957 में इसका नाम बदलकर ‘Enforcement Directorate (प्रवर्तन निदेशालय)’ कर दिया गया.

ED का फुल फॉर्म क्या है?

ED का full form है “Enforcement Directorate”. ईडी का फुल फॉर्म हिंदी में “प्रवर्तन निदेशालय” है.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का मुख्य उद्देश्य

प्रवर्तन निदेशालय का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के दो प्रमुख अधिनियम विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (FEMA) और धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) और आर्थिक भगोड़ा अपराधी अधिनियम 2018 (FEOA) को लागू करना है. इनके अलावा भी ED के कई उद्देश्य हैं जो मुख्य रूप से भारत में मनी लौंडरिंग से जुड़े हैं.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कार्य क्या हैं?

1. ED का कार्य FEMA से जुड़े प्रावधानों की उलन्घनों की जाँच करना है जिन्हें 2000 में लागू किया गया था. FEMA से जुड़े प्रावधानों के उलंघनों का निपटारा नामी अधिकारीयों द्वारा किया जाता है, जिसमें राशि का तीन गुना दंड शामिल है. FEMA से जुड़े उल्ल्घनों की सूची आप नीचे देख सकते हैं.

  • विदेशों में खरीदी गई संपत्ति
  • भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा होना
  • विदेशी मुद्रा का अवैध व्यापार
  • निर्यात मूल्यों को अधिक आंकना और आयात मूल्यों को कम आंकना
  • हवाला लेनदेन
  • विदेशी विनिमय नियमों का उल्लंघन और FEMA के तहत आने वाले अन्य उल्लंघन

2. संगठन, PMLA के तहत 2005 में लागू किए गए अपराधों की भी जांच करता है. अपराध साबित होने पर जांच करने वाले संबंधित अधिकारी, मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल व्यक्ति की संपत्ति जब्त कर सकते हैं और उस पर मुकदमा दायर कर सकते हैं.

3. प्रवर्तन निदेशालय (ED), FEMA 1999 उल्लंघन से जुड़ी ख़ुफ़िया जानकारी एकत्रित करता है, विकसित करता है और संबंधित एजेंसियों के साथ उसे साझा करता है. ED खुफिया जानकारी जुटाने के लिए केंद्र और राज्य की खुफिया एजेंसियों, शिकायतों आदि की मदद लेता है.

4. यदि कोई धन शोधन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ खोज, गिरफ्तारी, जब्ती और अभियोजन की कार्रवाई इत्यादि करता है.

5. ED, पूर्व के FERA, 1973 और FEMA, 1999 के उल्लंघन के मामलों को निपटाने और निपटान कार्यवाही के समापन पर लगाए गए दंड का निर्णय करता है.

प्रवर्तन निदेशालय को दिए गए अधिकार – Rights of ED in Hindi

  • प्रवर्तन निदेशालय को FERA 1973 और FEMA 1999 दोनों अधिनियम के तहत भारत सरकार की सभी प्रकार की वित्तीय जांच करने का अधिकार है.
  • प्रवर्तन निदेशालय को विदेश में किसी भी संपत्ति पर कार्यवाही करके रोकथाम करने का अधिकार प्राप्त है.
  • ED देश में वित्त संबंधी गैर कानूनी हो रहे कार्य को लेकर उस पर कार्यवाही कर सकता है.
  • ED (ईडी) को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ खोज, जब्ती और गिरफ्तारी करने का अधिकार प्राप्त है.

ED का मुख्यालय कहाँ है?

ED का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है. ईडी के जोनल कार्यालयों की सूची आप निचे देख सकते हैं.

  • दिल्ली
  • मुंबई
  • चेन्नई
  • लखनऊ
  • कोलकाता
  • चंडीगढ़
  • बैंगलोर
  • अहमदाबाद
  • कोचीन
  • हैदराबाद

ED में शिकायत कैसे करें?

यदि आप सीधे प्रवर्तन निदेशक से संपर्क करना चाहते हैं तो यह संभव नहीं है. लेकिन आप विदेशी मुद्रा और मनी लोंड्रिंग से जुड़ी शिकायतें निदेशालय को भेज सकते हैं. यदि आप FEMA या PMLA अधिनियमों के उल्लंघनों के बारे में रिपोर्ट लिखना चाहते हैं तो आपको पुलिस या किसी अन्य एजेंसी को अपनी शिकायत देनी होगी.

ED से जुड़े FAQ

1.ED का डायरेक्टर कौन है?

ED के डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा हैं.

2. ED की स्थापना कब हुई थी?

ईडी की स्थापना 1 मई 1956 को हुई थी.

3. ईडी की जिम्मेदारी किस मंत्री को दी जाती है?

ED की जिम्मेदारी वित्त मंत्री (वर्तमान में निर्मला सीतारमण) को दी जाती है.

4. ईडी की मूल एजेंसी?

ED की मूल एजेंसी राजस्व विभाग और वित्त मंत्रालय है.

Conclusion

उम्मीद करती हूँ आपको मेरा यह लेख “ED क्या है और इसके कार्य” जरूर पसंद आया होगा. मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है प्रवर्तन निदेशालय (ED in Hindi) से संबंधित सभी जानकारियां आप तक पहुंचाने की ताकि आपको इस विषय के संदर्भ में किसी दूसरी वेबसाइट पर जाने की जरूरत ना पड़े. अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो या कुछ नया सीखने को मिला हो तो कृपया इसे दूसरे सोशल मीडिया नेटवर्क पर शेयर जरुर करें. 

Monika Chauhan
Monika Chauhanhttps://hindivibe.com/
मोनिका चौहान Hindivibe की Co-Founder और Author हैं. इन्हें सामान्य ज्ञान से संबंधित जानकारियों का अध्ययन करना और उनके बारे में लिखना अच्छा लगता है.

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